कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में वीर बाल दिवस का अत्यंत ही भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकगण और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह दिवस सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के दोनों छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—के अद्वितीय साहस, अटूट दृढ़ता और धर्म के प्रति समर्पण को याद करने के लिए मनाया जाता है।
इन वीर बालकों ने छोटी आयु में ही धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था, जो हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. हरीश रतूड़ी और डॉ. नरेंद्र पंघाल ने भी वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को प्रेरित किया और कहा कि “आप सभी देश के भविष्य हैं, वीर बाल दिवस आप सभी को यह प्रेरणा देता है कि आप सत्यनिष्ठ, अनुशासित, साहसी और देशभक्त नागरिक बनें।”
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्रांगण में ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किए गए। मुख्य अतिथि कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुकरेती ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक स्मरणोत्सव नहीं है, बल्कि उन मूल्यों—साहस, साहसिकता, सत्य और न्याय का संदेश है, जिन्हें आज के युवाओं को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का युवा समाज को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का सामर्थ्य रखता है और वीर साहिबजादों के आदर्श हमें प्रेरणा देते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिकता के अनुसरण का संदेश दिया। कार्यक्रम में कविता पाठ, वीर बाल दिवस का इतिहास पर भाषण, तथा गुरु गोबिंद सिंह जी और साहिबजादों पर स्लोगन प्रमुख आकर्षण रहे। छात्रों ने वीर बालों के बलिदान और उनके आदर्शों को दर्शाते हुए प्रेरणादायक कलात्मक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनका सभी उपस्थितों द्वारा हृदय से स्वागत किया गया।
विशेष रूप से आयोजित प्रतियोगिता में छात्रों ने “असाधारण साहस और नैतिक मूल्यों का दृढ़ता से पालन” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे युवा प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास देखने को मिला। भाषण प्रतियोगिता में हर्षिता सेमवाल ने प्रथम स्थान, शिवानी खत्री ने द्वितीय और प्रिया गौड़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता पाठ में अंकिता ने प्रथम, अमीषा ने द्वितीय और अरुण सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में अमीषा ने प्रथम, हर्षिता सेमवाल ने द्वितीय और शिवानी थपलियाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. हरीश बहुगुणा और डॉ. नरेंद्र पंघाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रशासन ने सभी को वीर बाल दिवस की शुभकामनाएँ दीं और इसे आगे भी इसी प्रकार प्रेरणादायक रूप से मनाने का संकल्प लिया।






