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कर्णप्रयाग महाविद्यालय की दो बेटियाँ गणतंत्र दिवस परेड में होंगी शामिल, कैडेट तनुजा और आयशा ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, कर्णप्रयाग के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है, जब महाविद्यालय की दो एनसीसी कैडेट — कैडेट तनुजा एवं कैडेट आयशा — का चयन देश की सबसे प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस परेड–2026 के लिए हुआ है। दोनों कैडेट 26 जनवरी को कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग कर महाविद्यालय के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी।

वर्तमान में दोनों कैडेट गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) में प्रतिभाग कर रही हैं, जिसका शुभारंभ हाल ही में दिल्ली कैंट स्थित कारियाप्पा परेड ग्राउंड में पारंपरिक सर्व धर्म पूजा के साथ हुआ। इस प्रतिष्ठित शिविर का उद्घाटन एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स द्वारा किया गया।

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस शिविर को एनसीसी का सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण शिविर माना जाता है। इसमें चयन के लिए लगभग तीन माह तक चलने वाली कठोर और बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कैडेट तनुजा और कैडेट आयशा का चयन उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतिफल है, जिसने उन्हें इस राष्ट्रीय स्तर के गौरवपूर्ण मंच तक पहुँचाया।

इस वर्ष आयोजित आरडीसी में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 2,406 एनसीसी कैडेट भाग ले रहे हैं, जिनमें 898 छात्राएं शामिल हैं। एक माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान अंतर-निदेशालय प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, लघु शस्त्र फायरिंग, मार्चिंग दल प्रतियोगिता, ध्वज क्षेत्र डिजाइनिंग सहित नेतृत्व, टीम वर्क, अनुशासन एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने वाली अनेक गतिविधियां सम्मिलित हैं।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) आर. ए. सिंह ने दोनों कैडेटों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरव और सम्मान का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

महाविद्यालय के समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी कैडेट तनुजा और कैडेट आयशा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि इन दोनों कैडेटों ने अपने समर्पण से महाविद्यालय एवं उत्तराखंड राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

निस्संदेह, कैडेट तनुजा और कैडेट आयशा की यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय है।

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