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आरटीआई के 21 वर्ष: सुधार और सुदृढ़ कार्यान्वयन पर विद्यार्थियों ने रखे तर्क

कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। आरटीआई सप्ताह के अंतर्गत ‘डॉ. आर.एस. टोलिया राज्य स्तरीय सूचना का अधिकार अधिनियम वाद-विवाद प्रतियोगिता-2026’ के तहत डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘सूचना का अधिकार अधिनियम के 21 वर्ष: सुधार या सुदृढ़ कार्यान्वयन’ रहा।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करते हुए सूचना के अधिकार को पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक सशक्तीकरण और सुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। प्रतिभागियों ने आरटीआई कानून की उपलब्धियों के साथ-साथ इसके प्रभावी क्रियान्वयन, प्रक्रियागत सुधार और नागरिकों तक इसकी पहुंच को लेकर भी अपने विचार रखे।
निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर महक (बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर) ने प्रथम, भूमिका (बी.कॉम. प्रथम वर्ष) ने द्वितीय तथा डार्विन (बी.कॉम. प्रथम वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय के आरटीआई नोडल अधिकारी डॉ. किरण कुमार पंत ने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है। निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ. कामना लोहानी, डॉ. महेंद्र जोशी एवं डॉ. आर.सी. भट्ट ने प्रतिभागियों के तर्कों का मूल्यांकन करते हुए उनका मार्गदर्शन किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. ए. सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, प्रभावी अभिव्यक्ति और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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