देहरादून(अंकित तिवारी): डाॅ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग (चमोली) के राजनीति विज्ञान विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर कीर्तिराम डंगवाल को साहित्यिक एवं रचनात्मक योगदान के लिए साईं सृजन पटल द्वारा “लेखक श्री सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान आर.के. पुरम, जोगीवाला स्थित साईं सृजन पटल के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में साईं सृजन पटल के संस्थापक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. के.एल. तलवाड़ ने डंगवाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साईं सृजन पटल की मासिक पत्रिका के प्रकाशन का उद्देश्य अब पूर्णतः फलीभूत हो रहा है। नवोदित और समर्पित लेखक पूरे उत्साह के साथ निरंतर सृजन कार्य कर रहे हैं, जिससे पत्रिका की गुणवत्ता और पहचान दोनों सुदृढ़ हो रही हैं।
प्रो. तलवाड़ ने कहा कि कीर्तिराम डंगवाल द्वारा साईं सृजन पटल के लिए हस्तशिल्प, रम्माण, पठाल के मकान, माल्टा उत्पादन, जल संरक्षण, भीमल, प्रोजेक्ट युक्तम, भराड़ीसैण, पंचम केदार–कल्पेश्वर, वेस्ट से बेस्ट निर्माण तथा काष्ठ कला जैसे विषयों पर लिखे गए लेख अत्यंत ज्ञानवर्धक, शोधपरक एवं जनहित से जुड़े हुए हैं। इन लेखों को साईं सृजन पटल की मासिक पत्रिका के विभिन्न अंकों में प्रमुखता से सचित्र प्रकाशित किया गया है। इन रचनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों और नवाचारों से जुड़ी अनेक प्रतिभाएं और विषय व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचे हैं।
लेखक श्री सम्मान प्राप्त करने पर असिस्टेंट प्रोफेसर कीर्तिराम डंगवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि साईं सृजन पटल मासिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन लेखकों के लिए सतत प्रेरणा का स्रोत है। हर अंक के लिए लेखन करने का उत्साह बना रहता है और यह मंच लेखकों को अपनी रचनात्मकता को निखारने का अवसर प्रदान करता है। इस अवसर पर उन्हें उनके द्वारा प्रकाशित लेखों से संबंधित साईं सृजन पटल की सभी पत्रिकाओं का सेट भी भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।
कर्णप्रयाग महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने डंगवाल को लेखक श्री सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए साईं सृजन पटल के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्रियाकलापों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच न केवल लेखकों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज को भी सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में अरुणा किमोठी डंगवाल, नीलम तलवाड़, अक्षत तथा महावीर सिंह उपस्थित रहे। सम्मान समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और साहित्य, संस्कृति एवं रचनात्मक लेखन के प्रति सभी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता रहा।




