कर्णप्रयाग (चमोली)। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कर्णप्रयाग में आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का समापन शनिवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। इस शिविर का आयोजन 28 दिसम्बर से किया गया था और यह सात दिनों तक चला। शिविर के दौरान छात्राओं ने समाजसेवा, स्वच्छता, और अन्य सामाजिक मुद्दों पर कार्य किया और विभिन्न बौद्धिक, सांस्कृतिक, और शारीरिक गतिविधियों में भाग लिया।
शिविर के छठे दिन बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को सामाजिक, शैक्षिक और व्यक्तिगत जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस सत्र में डॉ. शिवानंद नौटियाल, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग के वरिष्ठ प्रोफेसर कीर्तिराम डंगवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर हरीश रतूड़ी, और बाल विकास विभाग से प्रियंका नौटियाल ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए उन्हें अपने जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समर्पण और मेहनत की अहमियत बताई। साथ ही, छात्राओं को यह भी समझाया गया कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए देश की प्रगति में योगदान दे सकती हैं।
समापन दिवस के अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रेखा बिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं से अपने लक्ष्य की ओर बिना रुके बढ़ने की प्रेरणा दी और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की बात की। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं किसी भी स्थिति में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति चमोली की सदस्य अनीता सेमवाल ने छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया और उन्हें कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। अनीता सेमवाल ने बताया कि महिलाएं किसी भी अप्रिय स्थिति में किस प्रकार से अपने अधिकारों का संरक्षण कर सकती हैं और सुरक्षा के लिए कौन-कौन से कानून उपलब्ध हैं।
समारोह के दौरान शिविरार्थी छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें नृत्य, गायन, नाटक और अन्य कार्यक्रम शामिल थे। इन कार्यक्रमों में छात्राओं ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे सभी उपस्थित लोग अभिभूत हो गए।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को समापन समारोह में पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही, शिविर में सबसे अधिक योगदान देने वाली छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी गरिमा रतूड़ी और सहायक कार्यक्रम अधिकारी अरुणा डंगवाल भी उपस्थित रहीं। दोनों ने शिविर के दौरान छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन और उनके उत्साह की सराहना की। उन्होंने शिविर के समापन पर सभी को शुभकामनाएं दी और उन्हें भविष्य में समाज सेवा के कार्यों में और अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कुल मिलाकर, यह सात दिवसीय एनएसएस शिविर छात्राओं के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव बनकर उभरा, जहां उन्हें न केवल सामाजिक कार्यों का महत्व समझाया गया, बल्कि उन्हें अपने आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। शिविर के समापन के साथ ही यह उम्मीद की जाती है कि इन छात्राओं में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता और उत्साह उत्पन्न हुआ होगा।







