ऋषिकेश(अंकित तिवारी): महान विचारक, दार्शनिक और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती के अवसर पर एम्स ऋषिकेश में राष्ट्रीय युवा दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने युवाओं से अपने भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संस्थान के मुख्य ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र मैठाणी ने कहा कि आज का युवा वर्तमान में जी रहा है, लेकिन उसे देश के भविष्य की मजबूत नींव भी रखनी होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं में असीम क्षमता है, इसलिए उन्हें स्वयं को सीमाओं में बांधने के बजाय पूरे उत्साह, जोश और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने छात्रों से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा आज के नहीं, बल्कि कल के भारत का भविष्य हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी शक्ति युवा वर्ग ही है। राष्ट्रनिर्माण के लिए युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है।
डीन एकेडेमिक्स प्रो. सौरभ वाष्णेय ने युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, स्वयं पर विश्वास रखने और पारंपरिक नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने की सीख दी। वहीं, डीन रिसर्च प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश के युवाओं को हमेशा प्रेरित किया और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर डॉ. वेदनथन ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रभाव न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक है। उन्होंने युवाओं से विवेकानंद के विचारों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार ने स्वस्थ चेतना पत्रिका और युवा जोश पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाकर राष्ट्र से जुड़ने और सामाजिक दायित्व निभाने पर जोर दिया।
इससे पूर्व आयुष विभाग की मेडिकल ऑफिसर डॉ. श्वेता मिश्र द्वारा मेडिटेशन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मन-मस्तिष्क की ऊर्जा को सकारात्मक बनाए रखने और तनाव कम करने के उपाय बताए गए। कार्यक्रम में “आधुनिक शिक्षा, युवाओं के नेतृत्व वाले सामाजिक परिवर्तन में उत्प्रेरक या बाधा” विषय पर एक रोचक व विचारोत्तेजक वाद-विवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम को कॉलेज ऑफ नर्सिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जेवियर बेल्सियल सी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष भूते, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राज राजेश्वरी, कमला वेदनथन, ममता सहित मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाने और युवाशक्ति को राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित करने के संकल्प के साथ किया गया।






