देहरादून(अंकित तिवारी): विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित भारत बौद्धिक राष्ट्रीय परीक्षा–2026 में देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय, देहरादून ने एक नई उपलब्धि का इतिहास रचते हुए देशभर के शिक्षण संस्थानों में सर्वाधिक 2,395 छात्रों के पंजीकरण के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा, बौद्धिक चेतना और शैक्षणिक जागरूकता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरी है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नोडल डॉ. शुभाशीष गोस्वामी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे विश्वविद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है, जिससे छात्रों का भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति रुझान बढ़ा है।” विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री संजय बंसल ने भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विश्वविद्यालय के प्रयासों पर संतुष्टि जताते हुए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना।
उपाध्यक्ष अमन बंसल ने भी अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का है, और इस परीक्षा में छात्रों की इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी इसे साबित करती है।” कुलपति डॉ. अजय और प्रति कुलपति डॉ. संदीप शर्मा ने भी इस सफलता पर खुशी और गर्व व्यक्त किया।
विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तराखंड प्रांत की मंत्री डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान ने देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “यह उपलब्धि उत्तराखंड प्रांत के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि यह भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।”
उत्तराखंड प्रांत के परीक्षा नोडल डॉ. गौरव वार्ष्णेय ने विश्वास व्यक्त किया कि देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की यह पहल भविष्य में अन्य शिक्षण संस्थानों को भी इस राष्ट्रीय बौद्धिक आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
इस सफलता से देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को समर्पित अपने शैक्षिक दृष्टिकोण को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।




