ऋषिकेश(अंकित तिवारी) – देश के गौरवमयी गणतंत्र दिवस के अवसर पर एम्स ऋषिकेश में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष दिन पर संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने ध्वजारोहण किया और देश के तिरंगे को सलामी दी। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदानों को याद किया।
समारोह के दौरान प्रोफेसर मीनू सिंह ने संस्थान की पिछले एक साल में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश को एन.आई.आर.एफ. की रैंकिंग में 13वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो संस्थान के लगातार सुधार और उन्नति का प्रतीक है। इस सफलता से संस्थान के बुनियादी ढांचे और शिक्षा के स्तर में निरंतर हो रहे सुधार का स्पष्ट संकेत मिलता है।
उन्होंने ड्रोन-आधारित चिकित्सा सेवाओं का उल्लेख किया, जो अब राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक दवाएं पहुँचाने का समय काफी कम कर चुकी हैं। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत रोगी पंजीकरण की प्रणाली को सुव्यवस्थित करने की बात करते हुए प्रोफेसर सिंह ने कहा कि इससे अस्पताल अब पेपरलेस हो चुका है और मरीजों को ओपीडी की लंबी लाइनों से राहत मिल रही है।
समारोह में एक और विशेष आकर्षण संस्थान की पाइप बैंड टोली द्वारा निकाली गई शानदार परेड रही। साथ ही प्रोफेसर मीनू सिंह ने सुरक्षा कर्मियों की सराहना की, जो उपनल के माध्यम से दिन-रात संस्थान के विशाल परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने हाइपरबेरिक ऑक्सीजन यूनिट की शुरुआत और रोबोटिक सर्जरी विंग की स्थापना की भी जानकारी दी, जो स्वास्थ्य सेवाओं में वैश्विक तकनीक को आम जनता तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें संस्थान के कर्मचारियों, छात्रों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह में एम्स ऋषिकेश के डीन एकेडमिक प्रोफेसर (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो बी सत्या श्री, उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा, अधीक्षण अभियंता ले. कर्नल राजेश जुयाल, डिप्टी चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर कमांडेंट अनिल चन्द्र सिंह और अन्य विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक, मेडिकल स्टूडेंट्स, संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।
यह आयोजन एम्स ऋषिकेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में की जा रही नई पहल और समर्पित सेवाओं को दर्शाता है, जो संस्थान के निरंतर विकास और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है।







