देहरादून(अंकित तिवारी): भारत स्काउट एवं गाइड्स प्रादेशिक केंद्र, भोपाल पानी (देहरादून) में 28 जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस एक सप्ताह लंबे प्रशिक्षण शिविर में राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग के चार रोवर्स – आयुष, आदित्य, आयुष्मान, और जगदीश ने अपनी सक्रिय सहभागिता दिखाई और इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण अवधारणाओं से परिचित कराया गया, जिसमें आपदा की परिभाषा, प्रकार, जोखिम संवेदनशीलता, रोकथाम, शमन, तैयारी, प्रतिक्रिया, पुनर्वास और पुनर्प्राप्ति पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, प्राथमिक उपचार, बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), सीपीआर, हृदयघात, रक्तस्राव, जलने, और दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की प्रारंभिक देखभाल के व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिए गए।
इस प्रशिक्षण को एस.डी.आर.एफ. के अनुभवी प्रशिक्षकों श्री मनीष उनियाल और श्री सुमित तोमर, अग्निशमन विभाग के संदीप यादव, एल.एफ.एम. कुमारी रश्मि रतूड़ी और डब्लू.एफ.एम. श्रीमती अंजलि डबराल ने प्रदान किया। चिकित्सा संबंधी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी डॉ. जगदीश पिंगले ने संभाली।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा की स्थिति में सक्षम, प्रशिक्षित और जिम्मेदार स्वयंसेवक के रूप में तैयार करना था, ताकि वे समाज और राष्ट्र की सेवा में एक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
इस उपलब्धि पर कर्णप्रयाग महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रामअवतार सिंह और रोवर/रेंजर प्रभारी डॉ. हरीश चंद्र रतूड़ी ने चारों रोवर्स को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और इसे महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।
इस सफलता ने महाविद्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और तैयारियों को और भी मजबूत किया है।




