ऋषिकेश(अंकित तिवारी): सड़क सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को एम्स ऋषिकेश और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और वाहन चालकों के बीच ट्रैफिक नियमों की पालन की अहमियत को उजागर करना था।
रैली का उद्घाटन एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने वर्चुअली माध्यम से किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक रहकर सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। विशेष रूप से ट्रॉमा के मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े होते हैं, और यही कारण है कि हमें सुरक्षित ड्राइविंग के लिए यातायात नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।“ उन्होंने यह भी कहा कि साल दर साल वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, लेकिन यदि हम नियमों का पालन करें, तो इन घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने दुपहिया सवार चालकों और कॉलेज छात्रों को भी इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा, “युवाओं को खासतौर से यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वे सुरक्षित रूप से वाहन चला सकें।” प्रो. वार्ष्णेय ने दुपहिया सवारों के लिए हेलमेट का पालन सख्ती से करने की अपील की।
कार्यक्रम के संयोजक और संस्थान के ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि यह अभियान देशभर के प्रत्येक जनपद में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रैली का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर ट्रॉमा विभाग के हेड प्रो. कमर आजम, जाने-माने न्यूरो सर्जन प्रो. के. गणपथि सहित कई चिकित्सकों ने भी अपने विचार रखे। एआरटीओ ऋषिकेश रश्मि पंत और रावत सिंह ने आम लोगों को नियंत्रित गति से वाहन चलाने, सीट बेल्ट का पालन करने, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक किया। साथ ही, सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा के तहत यातायात नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई।
रैली का आयोजन संस्थान के गेट नम्बर 2 से शुरू होकर कोयलघाटी तिराहे से होते हुए नैपालीफार्म में समाप्त हुआ। इस रैली में लोनिवि, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों सहित एम्स की चीफ नर्सिंग ऑफिसर अनिता रानी कंसल, पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती, ट्रॉमा विभाग से डीएनएस उमेश शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर विनय पाल सिंह भाटी, शशिकांत, अखिलेश उनियाल, ताराचंद आदि ने भी भाग लिया।
सड़क सुरक्षा अभियान के इस सफल आयोजन से यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित सड़कें सभी की जिम्मेदारी है, और सभी को मिलकर इसे सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।






