उत्तरकाशी(अंकित तिवारी) : शैक्षिक, साहित्यिक और वैज्ञानिक लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र पाल सिंह परमार को साईं सृजन पटल, देहरादून द्वारा प्रतिष्ठित ‘लेखक श्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
मंगलवार को महाविद्यालय परिसर में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में साईं सृजन पटल के संस्थापक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. के. एल. तलवाड़ ने डॉ. परमार को स्मृति चिन्ह एवं पत्रिकाओं का विशेष सेट भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. परमार का लेखन केवल अकादमिक नहीं, बल्कि समाजोपयोगी और नवाचारी दृष्टिकोण से परिपूर्ण है। उन्होंने उच्च सघन खेती, वर्टिकल एवं रूफ टॉप फार्मिंग, पॉली हाउस तकनीक तथा हर्बल गार्डन जैसे समकालीन और उपयोगी विषयों पर साईं सृजन पटल के विभिन्न अंकों में ज्ञानवर्धक लेख प्रस्तुत किए हैं, जिन्हें पाठकों ने विशेष सराहना दी।
सम्मान समारोह में प्रो. तलवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तरकाशी उनकी जन्मभूमि और शिक्षा की कर्मभूमि रही है। उन्हें इसी महाविद्यालय में लगभग दस वर्षों तक अर्थशास्त्र के प्रवक्ता के रूप में सेवा देने का अवसर मिला, जिसे वे सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों से देहरादून से प्रकाशित हो रही साईं सृजन पटल मासिक पत्रिका का उद्देश्य नवोदित लेखकों को मंच प्रदान करना और साहित्यिक चेतना को सशक्त करना है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पंकज पंत ने डॉ. परमार को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान शिक्षकों और शोधार्थियों को सृजनात्मक लेखन के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. जय लक्ष्मी रावत, डॉ. आराधना चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मोहन लाल शाह, वरिष्ठ पत्रकार कुंवर साब सिंह कलूड़ा, गजेंद्र पडियार, सह-संपादक अमन तलवाड़ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. महेंद्र परमार के प्रेरक उद्बोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने साईं सृजन पटल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें शोध, लेखन और समाजोपयोगी विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए और अधिक उत्साह प्रदान करेगा।





