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विदेशी भाषाओं से खुले वैश्विक रोजगार के द्वार

कर्णप्रयाग महाविद्यालय में उच्च शिक्षा व्याख्यानमाला का ग्यारहवां व्याख्यान संपन्न

कर्णप्रयाग(अंकित तिवारी) : डा. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग में उच्च शिक्षा व्याख्यानमाला के अंतर्गत ग्यारहवां व्याख्यान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुकरेती के प्रेरक उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया।

व्याख्यानमाला की इस कड़ी में कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के जर्मन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर शिवम मिश्रा ने “विदेशी भाषाओं के माध्यम से रोजगार” विषय पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने जर्मन सहित विभिन्न विदेशी भाषाओं के अध्ययन से उपलब्ध व्यापक रोजगार अवसरों की जानकारी दी और बताया कि वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में विदेशी भाषा-ज्ञान किस प्रकार प्रतिस्पर्धा में व्यक्ति को विशिष्ट पहचान दिला सकता है।

अपने व्याख्यान में प्रो. मिश्रा ने पर्यटन, अनुवाद, शिक्षण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में विदेशी भाषाओं की बढ़ती मांग को रेखांकित किया। विशेष रूप से उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग में विदेशी भाषाओं के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर उन्होंने प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों एवं शिक्षकों के जिज्ञासुओं के प्रश्नों का समाधान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इंद्रेश कुमार पाण्डेय ने किया। ऑनलाइन मोड में आयोजित इस व्याख्यान में कर्णप्रयाग महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगणों के साथ-साथ अन्य महाविद्यालयों के अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी भी जुड़े, जिससे कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली और सार्थक सिद्ध हुआ।

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