कर्णप्रयाग(अंकित तिवारी): नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड और अपने महाविद्यालय का नाम रोशन करने वाली 13 एसडी प्लाटून एनसीसी की कैडेट आयशा एवं कैडेट तनुजा के सम्मान में डॉ. शिवानंद नौटियाल गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, कर्णप्रयाग में एक गरिमामय स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
इन दोनों कैडेटों को देश की सबसे प्रतिष्ठित परेड में शामिल होकर कर्तव्य पथ पर मार्च करने का गौरव प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि न केवल कैडेटों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है, बल्कि महाविद्यालय के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित स्वागत समारोह की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुकरेती ने की। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि आयशा और तनुजा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने दोनों कैडेटों के अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना की मुक्तकंठ से सराहना की।
बताया गया कि दोनों कैडेटों का चयन पाँच चरणों में संपन्न हुई लगभग तीन माह की कठिन प्रशिक्षण एवं चयन प्रक्रिया के बाद हुआ, जिसका अंतिम पड़ाव गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 रहा। यह शिविर 30 दिसंबर 2025 को करिअप्पा परेड ग्राउंड में प्रारंभ हुआ तथा 28 जनवरी 2026 को आयोजित प्रधानमंत्री रैली के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान कैडेटों को माननीय प्रधानमंत्री से संवाद करने का दुर्लभ और अविस्मरणीय अवसर भी प्राप्त हुआ।
आरडीसी कार्यक्रम के अंतर्गत कैडेटों ने दिल्ली दर्शन में भाग लेकर देश की राजधानी के प्रमुख राष्ट्रीय एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया, जिससे उनके व्यक्तित्व और राष्ट्रबोध में और अधिक निखार आया।
शिविर के उपरांत उत्तराखंड एनसीसी निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक द्वारा कैडेटों का अभिनंदन किया गया तथा उन्हें उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल से भेंट एवं संवाद का अवसर भी मिला। राष्ट्रीय स्तर पर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को दृष्टिगत रखते हुए कैडेट आयशा एवं कैडेट तनुजा को मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक के लिए नामांकित किया गया है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं एनसीसी कैडेट्स ने हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर इन कैडेटों की सशक्त उपस्थिति ने न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
समारोह का समापन तालियों की गड़गड़ाहट और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण के बीच हुआ।





