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कर्णप्रयाग महाविद्यालय में जंतु विज्ञान विभागीय परिषद का गठन

विविध प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाया हुनर

 कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डाॅ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए विभागीय परिषद के गठन के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा को मंच प्रदान करने हेतु सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, क्विज प्रतियोगिता, वाद–विवाद, भाषण, पोस्टर प्रतियोगिता, एकल गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गईं। जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुकरेती ने छात्र–छात्राओं को परिषद की भूमिका, दायित्वों एवं शैक्षणिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराते हुए विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। चर्चा सत्र में विद्यार्थियों ने अपने अधिकारों, शैक्षणिक सक्रियता तथा अन्य छात्रों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विभाग के प्राध्यापकगण डॉ. विश्वपति भट्ट, डॉ. भालचंद्र नेगी, डॉ. वेणीराम अंथवाल, डॉ. इंद्रेश पाण्डेय, डॉ. मृगांक मलासी, डॉ. सुनील भंडारी सहित छात्र–संघ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, एबीवीपी सदस्य अंशुल रावत, समस्त छात्र–संघ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएं उपस्थित रहे।

विभागीय परिषद (जंतु विज्ञान) – 2025–26

  • अध्यक्ष: निशा खंडूरी
  • उपाध्यक्ष: अमित

प्रतियोगिताओं के परिणाम

🏆 भाषण प्रतियोगिता

  • 🥇 प्रथम: अंशु (बी.एससी. षष्ठ सेमेस्टर)
  • 🥈 द्वितीय: अमीशा
  • 🥉 तृतीय: अक्षिता सेमवाल

🏆 क्विज़ प्रतियोगिता

  • 🥇 प्रथम: ग्रुप C — मयंक एवं टीम
  • 🥈 द्वितीय: ग्रुप A — जुनैद एवं टीम
  • 🥉 तृतीय: ग्रुप B — वर्षा एवं टीम

🏆 कविता प्रतियोगिता

  • 🥇 प्रथम: अमीशा (बी.एससी. षष्ठ सेमेस्टर)
  • 🥈 द्वितीय: दीक्षा (एम.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर)
  • 🥉 तृतीय: प्रिया (एम.एससी. द्वितीय सेमेस्टर)

🏆 पोस्टर प्रतियोगिता

  • 🥇 प्रथम: साहिबा (एम.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर)
  • 🥈 द्वितीय: पूनम (एम.एससी. द्वितीय सेमेस्टर)
  • 🥉 तृतीय: प्रतिभा (बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर)

कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को शैक्षणिक गुणवत्ता, नेतृत्व विकास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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