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साईं सृजन पटल मासिक पत्रिका के 20वें अंक का हुआ विमोचन

प्रख्यात लेखक व इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना और दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार भारती ने किया विमोचन

डोईवाला। साहित्य, संस्कृति और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित ‘साईं सृजन पटल’ मासिक पत्रिका के 20वें अंक का भव्य एवं गरिमामयी विमोचन प्रख्यात लेखक एवं इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना और दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार भारती द्वारा किया गया। यह अवसर साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और रचनाकारों के लिए एक प्रेरणादायक संगम के रूप में सामने आया, जहाँ साहित्य के विभिन्न आयामों पर सार्थक चर्चा हुई।

जिसने पूरे वातावरण को साहित्यिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात पत्रिका के नवीन अंक का औपचारिक विमोचन किया गया, जिसमें उपस्थित अतिथियों ने पत्रिका के विषय-वस्तु, प्रस्तुति एवं गुणवत्ता की सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. योगेश धस्माना ने कहा कि ‘साईं सृजन पटल’ जैसी पत्रिकाएँ न केवल साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती हैं, बल्कि समाज में वैचारिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का कार्य भी करती हैं। दूरदर्शन कार्यक्रम प्रमुख अनिल कुमार भारती ने कहा कि वर्तमान समय में जब डिजिटल माध्यम तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में प्रिंट मीडिया के माध्यम से साहित्य को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे लेखन के माध्यम से समाज की सकारात्मक दिशा में योगदान दें।

पटल के संस्थापक एवं पत्रिका के संपादक प्रो. (डॉ.) के. एल. तलवाड़ ने कहा कि साईं सृजन पटल की स्थापना का उद्देश्य साहित्य के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करना और नवोदित रचनाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 अंकों की यात्रा में पत्रिका ने विभिन्न विषयों— साहित्य, संस्कृति, समाज और समसामयिक मुद्दों— पर सारगर्भित सामग्री प्रस्तुत की है, जिसे पाठकों का भरपूर स्नेह मिला है। उन्होंने सभी सहयोगियों, लेखकों और पाठकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा आगे भी इसी उत्साह के साथ जारी रहेगी।

इस अवसर पर पत्रिका के उपसंपादक अंकित तिवारी ने कहा कि 20वां अंक ‘साईं सृजन पटल’ के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि पत्रिका के माध्यम से न केवल साहित्यिक रचनाओं को स्थान दिया जा रहा है, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं— जैसे शिक्षा, संस्कृति, युवा सोच और सामाजिक सरोकार— को भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में पत्रिका को और अधिक व्यापक एवं प्रभावशाली बनाने के लिए नवीन प्रयोग किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं की सराहना करते हुए इसे साहित्यिक जगत के लिए एक उपयोगी पहल बताया। उपस्थित रचनाकारों ने भी अपने अनुभव साझा किए और पत्रिका के साथ जुड़ाव को अपने लिए गर्व का विषय बताया।

इस अवसर पर पटल से जुड़ी नीलम तलवाड़ तथा इनसाइडी क्रिएटिव मीडिया के सीईओ अक्षत सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। ।

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