कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डाॅ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर का समापन समारोह ग्राम गिरसा में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 24 से 30 मार्च तक चले इस शिविर में स्वयंसेवियों ने समाजसेवा, जागरूकता और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि ग्राम के पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह गुसाईं रहे। अपने संबोधन में उन्होंने स्वयंसेवियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण विकास की आधारशिला होते हैं और युवाओं में सेवा, अनुशासन एवं नेतृत्व जैसे गुणों का विकास करते हैं। उन्होंने युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए निरंतर सेवा कार्यों में जुटे रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्वयंसेवियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। विशेष रूप से पारंपरिक नाटी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। इससे पूरा वातावरण जीवंत और आनंदमय हो उठा।
इस अवसर पर शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियों की संक्षिप्त रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिसमें सामाजिक–आर्थिक सर्वेक्षण, स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम, योग सत्र तथा विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों की जानकारी दी गई।
समारोह के अंत में पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवियों को सम्मानित किया गया।
ऑलराउंडर पुरस्कार– सौरभ
सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक (छात्र)– शुभम
सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक (छात्रा)– रिया कठैत
सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकार (छात्र) – आदर्श
सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकार (छात्रा) – सारिका
नृत्य प्रतियोगिता में छात्र वर्ग में नरेंद्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि छात्रा वर्ग में दिव्या एवं अंशिका प्रथम, हिमानी द्वितीय तथा प्रिया व भावना तृतीय स्थान पर रहीं।
कर्णप्रयाग कालेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं उत्तरकाशी के एनएसएस के पूर्व जिला समन्वयक प्रो.के.एल.तलवाड़ ने सफलतापूर्वक शिविर के समापन पर राष्ट्रीय सेवा योजना परिवार को साईं सृजन पटल की ओर से शुभकामनाएं दी।
समापन अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. चंद्रावती ने सभी अतिथियों, ग्रामवासियों एवं स्वयंसेवियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रवींद्र कुमार, डॉ. नेहा तिवारी तथा अनुसेवक बद्रीश, हरपाल एवं विपिन सहित समस्त शिविरार्थी एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
यह शिविर न केवल सेवा और संस्कार का प्रतीक बना, बल्कि युवाओं में सामाजिक चेतना और नेतृत्व क्षमता के विकास का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ।




