ऋषिकेश(अंकित तिवारी)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में अतिथि व्याख्यान एवं “शरीर क्रिया विज्ञान इनोवेशन प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी–2026” का भव्य आयोजन किया गया। एमबीबीएस बैच-2025 के छात्रों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नवाचार, तकनीक और चिकित्सा शिक्षा का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित अतिथि व्याख्यान में प्रोफेसर सतीश देवपुजारी ने “मेडिकल ऐप्स से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का सफर” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, नैदानिक अभ्यास और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही शिक्षण-अधिगम पद्धतियों में तकनीकी नवाचारों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रो. डॉ. मीनू सिंह, अनुसंधान डीन प्रो. शैलेंद्र हांडू, आमंत्रित वक्ता प्रो. सतीश देवपुजारी, विभागाध्यक्ष प्रो. लतिका मोहन एवं प्रो. प्रशांत एम. पाटिल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
इनोवेशन प्रतियोगिता में कुल 25 टीमों ने अपने अभिनव प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। छात्रों ने शारीरिक क्रियाविधियों एवं उनके नैदानिक महत्व को दर्शाने वाले कार्यशील मॉडल और इंटरैक्टिव प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रोजेक्ट्स में कोडिंग, विद्युत एवं यांत्रिक सिद्धांतों का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवा से जुड़े उपकरणों का विकास किया गया, जो ‘मेक इन इंडिया’ की दिशा में सार्थक पहल साबित हो सकता है।
निर्णायक मंडल में एम्स ऋषिकेश के विभिन्न विभागों के तीन विशेषज्ञ शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागी टीमों के नवाचार, उपयोगिता और प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया।
इन टीमों ने मारी बाज़ी
प्रतियोगिता में ‘एल्बो परसेप्शन ड्रिफ्ट ट्रैकर’, ‘पेस्प्लैनस करेक्टर डिवाइस’ और ‘माइक्रो फ्लो सॉक’ को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त हुए। इन प्रोजेक्ट्स ने नवाचार और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर निर्णायकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम में प्रो. सुनीता मित्तल, प्रो. योगेश सिंह, प्रो. अरुण गोयल, प्रो. पूर्वी कुलश्रेष्ठ, डॉ. जयंती पंत सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अश्विनी महादुले एवं डॉ. दिव्या ह्यांकी ने किया।
अंत में शरीर क्रिया विज्ञान विभाग ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संस्थान की निदेशक, संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों एवं सभी प्रतिभागी टीमों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल छात्रों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करता है, बल्कि संस्थान में नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता की संस्कृति को भी सुदृढ़ करता है।




