कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर भूगोल विभाग के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष विश्व ओजोन दिवस की थीम “Global Action for a Cooler Planet” (शीतल ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई) रही।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व, इसके क्षरण के प्रमुख कारणों तथा मानव स्वास्थ्य, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी गई। बताया गया कि समतापमंडल में मौजूद ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस दौरान मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल तथा किगाली संशोधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर प्रभावी प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर.ए. सिंह ने पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में डॉ. कामना लोहनी, डॉ. महेंद्र जोशी, डॉ. कविता पाठक, डॉ. पूनम, डॉ. मदन लाल शर्मा, डॉ. कीर्तिराम डंगवाल एवं डॉ. सीमा पोखरियाल उपस्थित रहे।
भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. नंदलाल के साथ डॉ. आर.सी. भट्ट, डॉ. नेहा तिवारी एवं डॉ. नरेंद्र पंघाल की कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता रही। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से ओजोन परत के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने ओजोन परत के संरक्षण, ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।




