डोईवाला(अंकित तिवारी)। शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में अर्थशास्त्र विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को चार दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। 13 से 16 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यशाला में महाविद्यालय के 31 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, मंचीय अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को निखारने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यशाला के संयोजक एवं अर्थशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ. शिवकुमार लाल ने बताया कि नाट्य प्रशिक्षण विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। ड्रामा और थिएटर के जरिए विद्यार्थियों को संवाद करने, मंच पर बोलने-चलने तथा अपनी भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उनमें सामाजिक समरसता, संवेदनशीलता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने पर भी जोर रहेगा।
इस अवसर पर डॉ. संजीव सिंह नेगी ने कहा कि महाविद्यालय में इस तरह की रचनात्मक एवं प्रशिक्षणपरक गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित होनी चाहिए। इनसे विद्यार्थियों की प्रतिभा निखरती है और वे समाज की विभिन्न चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाते हैं।
प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. नवीन कुमार मैथानी ने नाटक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “ड्रामा ही जीवन शैली है। एक व्यक्ति नाटक के माध्यम से कई जीवन जीता है और समाज को बेहतर ढंग से समझता है।” उन्होंने नाट्य विधा को जीवन और समाज को समझने का सशक्त माध्यम बताया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.पी. भट्ट ने कार्यशाला के आयोजन के लिए प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में गणेश बलूनी, रीना ठाकुर एवं डॉ. अर्चना तापलियाल प्रशिक्षण दे रहे हैं। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित ये विशेषज्ञ चार दिनों तक विद्यार्थियों को नाट्य कला की विभिन्न विधाओं से परिचित कराएंगे।
कार्यक्रम में डॉ. हर्ष नेगी, डॉ. पूनम भस्माना, प्रिंस, करिश्मा, शिवानी और आदित्य सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









