कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। उत्तराखंड में युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने की दिशा में संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग की तीन छात्राओं का चयन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में आयोजित छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए हुआ है। यह कार्यक्रम 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की एम.ए. की छात्राएँ अंशु, नेहा और दीक्षा प्रतिभाग कर रही हैं। तीनों छात्राओं ने चमोली जिले में देवभूमि उद्यमिता योजना के जिला संयोजक विनोद नेगी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम में सहभागिता की है।
उद्यमिता और नवाचार की बारीकियां सीखेंगी छात्राएं
छह दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति समझ विकसित करना, स्वरोजगार के नए अवसरों से परिचित कराना तथा उन्हें नवाचार आधारित व्यावसायिक विचार विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं को समझने, नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिलेगा।
आईआईएम काशीपुर जैसे प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम में सहभागिता से छात्राओं को उद्यमिता संबंधी ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और व्यावसायिक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने की दिशा में उनकी समझ को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजन पर जोर
देवभूमि उद्यमिता योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस तरह की पहल युवाओं में आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कर्णप्रयाग महाविद्यालय की तीन छात्राओं का इस कार्यक्रम के लिए चयन होना उच्च शिक्षा के साथ उद्यमिता एवं कौशल विकास के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। यह अवसर छात्राओं को अपने ज्ञान और क्षमताओं का विस्तार करने के साथ भविष्य में नए व्यावसायिक अवसर तलाशने के लिए भी प्रेरित करेगा।




