कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में उच्च शिक्षा व्याख्यानमाला के अंतर्गत पंद्रहवें व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने शिक्षा और अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. अंकिता सहरावत ने ‘पादप प्रोटिओमिक्स से खाद्य सुरक्षा’ विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने पादप प्रोटिओमिक्स के मूल सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाते हुए इसके विकास और वैज्ञानिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।
डॉ. सहरावत ने बताया कि पादप प्रोटिओमिक्स आधुनिक कृषि विज्ञान का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो खाद्य उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार के लिए नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है। उन्होंने विशेष रूप से बढ़ती जनसंख्या के संदर्भ में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही, इस क्षेत्र में उपयोग होने वाली उन्नत तकनीकों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. सहरावत ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. इंद्रेश कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया।
यह व्याख्यान ऑनलाइन माध्यम से आयोजित हुआ, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ-साथ अन्य संस्थानों के शिक्षक एवं छात्र भी बड़ी संख्या में जुड़े, जिससे कार्यक्रम अत्यंत प्रभावी और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।





