देहरादून(अंकित तिवारी)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर समिति, नेहरू कॉलोनी, देहरादून के तत्वावधान में मंदिर प्रांगण में आयोजित दिव्य श्रीकृष्ण लीला महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, नंदोत्सव एवं बाल लीलाओं के भव्य मंचन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक मंदिर परिसर श्रीकृष्ण के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा।
लीला मंचन के दौरान मथुरा की कंस कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद वसुदेव जी द्वारा बालकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल स्थित नंदभवन पहुंचाने की लीला का सुंदर मंचन हुआ। नंदभवन में माता यशोदा द्वारा बालकृष्ण को दुलारने का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल पहुंचते ही नंदोत्सव का उल्लास छा गया। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” जैसे मंगल गीतों एवं भजनों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे भक्ति में झूमते हुए नजर आए। श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो देहरादून में ही ब्रजधाम साकार हो उठा हो।
महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी की बाल लीला, मनमोहक दीपक नृत्य तथा रंग-बिरंगे पुष्पों से सजी फूलों की होली ने दर्शकों का मन मोह लिया। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति और आनंद के साथ उत्सव का भरपूर आनंद लिया।
मध्यरात्रि में हुआ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
रात्रि ठीक 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का विशेष आयोजन किया गया। भगवान के बाल स्वरूप का विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ। जैसे ही भगवान के जन्म की घोषणा हुई, पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीकृष्ण”, “नंद के आनंद भयो” और “जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजन, संकीर्तन और नृत्य के साथ भगवान के जन्म की खुशी मनाई।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर की भव्य सजावट और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। देर रात तक चले इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भक्ति, आस्था, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अद्भुत संगम ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।








