Breakingदेश-विदेशयूथरोजगारशिक्षासामाजिकस्वास्थ्य

अभिभावक जैसे संवेदनशील व्यवहार से ही सशक्त बनता है नर्सिंग पेशा : प्रो. मीनू सिंह

एम्स ऋषिकेश में नए नर्सिंग अधिकारियों के लिए ‘सतत नर्सिंग शिक्षा’ कार्यशाला आयोजित

ऋषिकेश(अंकित तिवारी): नए नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल और कार्य दक्षता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में ‘सतत नर्सिंग शिक्षा’ (Continuing Nursing Education) के अंतर्गत नर्सिंग इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि नर्सिंग पेशे में रोगियों की देखभाल करते समय अभिभावक की तरह भावनात्मक संयम और संवेदनशील व्यवहार रखना अत्यंत आवश्यक है।

नोरसेट-9 परीक्षा के माध्यम से हाल ही में नियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान की कार्यप्रणाली, प्रोटोकॉल और नीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस परीक्षा के माध्यम से अब तक 60 नए नर्सिंग अधिकारियों ने संस्थान में कार्यभार ग्रहण किया है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि नर्सिंग पेशा सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। रोगियों की देखभाल के दौरान कई बार नर्सों को एक अभिभावक की तरह जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, इसलिए इस पेशे में संयम, धैर्य और मृदु व्यवहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण नर्सिंग अधिकारियों को अपने ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेगा, जिससे वे रोगियों को और अधिक प्रभावी तथा गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान कर सकेंगे।

डीन एकेडेमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने नर्सिंग पेशे को अस्पताल की रीढ़ बताते हुए कहा कि नर्सिंग स्टाफ को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए रोगियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। वहीं चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री ने नर्सिंग को एक चुनौतीपूर्ण किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण पेशा बताते हुए कहा कि सतत नर्सिंग शिक्षा के माध्यम से नर्सिंग पेशेवरों को चिकित्सा क्षेत्र का अनुभव प्राप्त होने के साथ-साथ रोगी देखभाल प्रणाली को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम को संस्थान के उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा, डीन रिसर्च प्रो. शैलेन्द्र हाण्डू तथा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य प्रो. स्मृति अरोड़ा ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मुख्य नर्सिंग अधिकारी डाॅ. अनिता रानी कंसल ने बताया कि यह इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा, जिसमें नए नर्सिंग अधिकारियों को तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे रोगी देखभाल के प्रति और अधिक दक्ष बन सकें।

उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में सतत नर्सिंग शिक्षा कार्यक्रम पिछले वर्ष से नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है, और संस्थान में शामिल होने वाले प्रत्येक नए नर्सिंग बैच को यह प्रशिक्षण दिया जाता है।

कार्यक्रम में डीएमएस डाॅ. रवि कुमार, पीआरओ डाॅ. श्रीलोय मोहन्ती, उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी कमांडेंट अनिल चन्द्र सहित सभी डीएनएस, एएनएस, एसएनओ और नर्सिंग अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button