ऋषिकेश(अंकित तिवारी)। उच्च शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) एवं श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल (टिहरी गढ़वाल) के बीच शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
ऋषिकेश परिसर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट शैक्षणिक गणमान्य व्यक्तियों में डीन (शैक्षणिक) प्रो. राजीव वार्ष्णेय (भूतपूर्व निदेशक, डीआरडीओ), डीन, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज प्रो. एस. धनलक्ष्मी, तथा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की ओर से पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत एवं आईक्यूएसी एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा उपस्थित रहे।
यह समझौता ज्ञापन दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाओं, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों, नवाचार गतिविधियों तथा अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक नेटवर्क को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्य अतिथि प्रो. राणा प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह समझौता शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध सहयोग की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया।
डीन (शैक्षणिक) प्रो. राजीव वार्ष्णेय ने कहा कि यह समझौता शिक्षण गुणवत्ता और अकादमिक आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।
प्रो. एस. धनलक्ष्मी ने लाइफ साइंस के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सहयोग वैज्ञानिक शोध को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।
निदेशक, परिसर ऋषिकेश प्रो. महावीर सिंह रावत ने इसे क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के विकास हेतु एक सराहनीय पहल बताया। वहीं प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कहा कि यह समझौता शोध एवं नवाचार को गति देने के साथ-साथ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के लिए नए द्वार खोलेगा।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने इस समझौते को उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार एवं संस्थागत सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक और दूरगामी पहल बताते हुए कहा कि ऐसे समझौते छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं शोध अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में भूगर्भ विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. नौटियाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा इस सहयोगात्मक पहल को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर प्रो. सुरमान आर्य, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह समझौता दोनों विश्वविद्यालयों के बीच ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिससे भविष्य में शिक्षा जगत को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।




