कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। उत्तराखंड के अमर स्वतंत्रता सेनानी एवं टिहरी रियासत के दमनकारी शासन के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाले अमर शहीद श्रीदेव सुमन के बलिदान दिवस पर डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राम अवतार सिंह द्वारा श्रीदेव सुमन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि श्रीदेव सुमन का जीवन अदम्य साहस, सत्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने टिहरी रियासत की अन्यायपूर्ण नीतियों के विरुद्ध जिस निर्भीकता और आत्मबल के साथ संघर्ष किया, वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका बलिदान उत्तराखंड की अस्मिता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनाधिकारों की रक्षा का अमर प्रतीक है।
प्राचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए श्रीदेव सुमन का जीवन प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्श नई पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को अपने जीवन का आधार बनाएं।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित प्राध्यापकों ने भी श्रीदेव सुमन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, बल्कि वह सामाजिक न्याय, मानवाधिकारों और जनकल्याण के लिए समर्पित था। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
इस अवसर पर डॉ. त्रिभुवन खाली, डॉ. आर.सी. भट्ट, डॉ. नेहा तिवारी, डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, डॉ. नरेंद्र पंघाल, प्रमिला, एस.एल. मुनियाल, अंशुमान चौहान, जे.एस. रावत, मुकेश कंडारी सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीद श्रीदेव सुमन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।





