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सोनू रावत सकुशल घर लौटा, परिवार में खुशी का माहौल

जो बच्चे बचपन में माता पिता की डांट नहीं सुन पाते हैं उन्हें उम्रभर समाज की डांट सुननी पड़ती है

भोगपुर//रानीपोखरी

 

लगभग तीन महीने पहले सोनू रावत पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से चला गया था। बालपन और बालमन बहुत संवेदनशील होता है। पिता सूर्यपाल सिंह रावत जी और परिवार के सदस्यों के लिए ये सुखद अवसर आया है। रखवाल गांव, भोगपुर निवासी सोनू रावत के घर लौटने की खुशी चहुं ओर छाई है ।

सोशल मीडिया पर सूर्यपाल सिंह रावत जी की मार्मिक अपील बहुत वायरल हुई थी। देश के विभिन्न राज्यों में इस बच्चे की ढूंढ जारी थी। राहत मिली है अब सबको।

ये आज सभी बच्चों और अभिभावकों के लिए संदेश भी है। अभिभावकों से आग्रह है कि बच्चों के साथ मित्रता का व्यवहार करें क्योंकि ये पुराने समय के वे बच्चे नहीं हैं जो रोज डांट सहन कर लेते थे मार सहन कर लेते थे और फिर रोने सिसकने के बाद माता पिता के सीने से चिपक जाते थे। क्षणभर में ही सब कुछ भूल जाते थे कि क्या हुआ…………..

और आज के बच्चों के लिए भी संदेश है कि बच्चों माता पिता बाहर से कठोर जरुर दिखाई देते हैं लेकिन अंदर से आपके लिए बहुत कोमल रहते हैं। आपकी उन्नति, कुशलता, सुखद भविष्य के लिए चिंतित रहते हुए कभी कभार डांट डपट कर भी देते हैं तो दिल पर मत लीजिए।

हंसता बचपन सबको अच्छा लगता है।

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