कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी): डाॅ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग द्वारा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, गिरसा में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर में शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रभावशाली संचालन किया जा रहा है। यह शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
शिविर के दौरान फील गुड फाउंडेशन की अध्यक्षा एवं उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित श्रीमती पूनम राणा ने सहभागिता करते हुए किशोरियों एवं महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की, जिससे उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को विशेष लाभ मिला।
एनएसएस स्वयंसेवियों ने गिरसा गाँव में नशा मुक्ति विषय पर एक सशक्त नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसे ग्रामीणों ने खूब सराहा। इस नाटक के माध्यम से समाज में व्याप्त नशे की समस्या पर प्रभावी संदेश दिया गया।
बौद्धिक सत्र में जनपद चमोली के एनएसएस जिला समन्वयक जगदीश टम्टा ने विद्यार्थियों को एनएसएस के इतिहास, उद्देश्यों और इसकी सामाजिक उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। वहीं ग्राम के पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह गुसाईं ने सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा मुक्ति जैसे समसामयिक विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी देकर जागरूकता बढ़ाई।
शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवियों ने गिरसा गाँव से लगभग 2 किमी दूर स्थित ऐतिहासिक भरत गुफा का शैक्षिक भ्रमण भी किया, जहां पौराणिक मान्यता के अनुसार भरत जी ने तपस्या की थी। इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह, डॉ. भालचंद्र सिंह नेगी एवं डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय ने बौद्धिक सत्र में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इसके उपरांत स्वयंसेवियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसने पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।
शिविर के सफल संचालन में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चंद्रावती टम्टा, डॉ. रविंद्र कुमार एवं डॉ. नेहा तिवारी का विशेष योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन में सभी गतिविधियाँ सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं।
यह विशेष शिविर न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।










