कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)।
विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में “मानवता के लिए एकजुट” विषय पर एक प्रेरणादायी विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने मानव सेवा, सामाजिक एकता, आपदा प्रबंधन एवं सहयोग की भावना पर अपने विचार साझा करते हुए समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संवेदनशील और सहयोगी नागरिकों की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए, तभी एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. प्रमिला, वनस्पति विज्ञान विभाग, ने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में मानवता को जीवित रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से परस्पर सहयोग, सहानुभूति और सामाजिक समरसता को अपनाने का आह्वान किया।
गोष्ठी के संयोजक डॉ. कमल किशोर द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों में सामूहिक प्रयास ही सबसे बड़ी शक्ति बनते हैं। उन्होंने रेडक्रॉस आंदोलन के सह-संस्थापक एवं प्रथम नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हेनरी डुनेंट के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही तथा विद्यार्थियों को समाज सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डॉ. मानवीरेंद्र कंडारी, डॉ. पूजा भट्ट, डॉ. हरीश बहुगुणा, डॉ. मृगांक मलासी एवं डॉ. विनोद चंद्र सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, समर्पण और मानवता के मूल्यों को लेकर उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।




