साहिया (अंकित तिवारी)। सरदार महिपाल राजेन्द्र जनजातीय (पी.जी.) महाविद्यालय, साहिया में शिक्षा के क्षेत्र के प्रेरणास्रोत एवं महाविद्यालय की स्थापना के स्वप्नदृष्टा स्वर्गीय राजेन्द्र सिंह तोमर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 1980 के दशक में साहिया में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर चले ऐतिहासिक जनआंदोलन में स्व. राजेन्द्र सिंह तोमर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनका मानना था कि जौनसार-बावर क्षेत्र के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा उपलब्ध कराए बिना समग्र विकास की कल्पना संभव नहीं है। उनकी दूरदर्शिता, संघर्ष और अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह महाविद्यालय जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान में इस संस्थान से दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हजारों तथा नियमित पाठ्यक्रमों में सैकड़ों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके अनेक छात्र-छात्राएं आज राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के कारण महानगरों में जाकर अध्ययन करने में असमर्थ जनजातीय विद्यार्थियों के लिए यह महाविद्यालय आशा की किरण बनकर उनके उच्च शिक्षा के सपनों को साकार कर रहा है। प्रतिवर्ष सैकड़ों विद्यार्थी इस संस्थान से लाभान्वित होकर अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
श्रद्धांजलि सभा में उपप्राचार्य डॉ. प्रियंका जलाल, डॉ. चंद्रिका, रीता तोमर, अक्षय तोमर, नितिन तोमर, गंभीर चौहान, रितेश चौहान, मुकेश तोमर, साहिल राय, गीता देवी सहित महाविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्व. राजेन्द्र सिंह तोमर के शिक्षा के प्रति समर्पण, दूरदर्शी सोच और सामाजिक योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।





