देहरादून(अंकित तिवारी)। ‘सुंदर दून-शिक्षित दून’ के संकल्प के बीच शहर में खुलेआम सड़क किनारे कूड़ा फेंकने की तस्वीरें स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़े कर रही हैं। गुरुवार को मार्निंग वॉक पर निकले बद्रीपुर-नवादा वार्ड के पार्षद वीरेंद्र वालिया ने बद्रीपुर चौक के समीप देवलोक कॉलोनी के बाहर सड़क पर बिखरा कूड़ा-करकट देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित दुकानदारों को खुले में कूड़ा डालने पर कड़ी चेतावनी दी।
सड़क किनारे बड़ी मात्रा में मौसमी के छिलके, फर्नीचर कारोबार से निकला फोम, थर्मोकोल और पॉलिथिन समेत अन्य कचरा बिखरा हुआ था। इससे न केवल क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही थी, बल्कि दुर्गंध और गंदगी के कारण वातावरण भी दूषित हो रहा था।
पार्षद वीरेंद्र वालिया ने संबंधित दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में सड़क अथवा सार्वजनिक स्थान पर खुले में कूड़ा फेंका गया तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी हर दूसरे-तीसरे दिन नियमित रूप से क्षेत्र में पहुंचती है। ऐसे में घरेलू और व्यावसायिक कूड़ा सड़क पर फेंकने के बजाय कूड़ा वाहन को ही देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के पर्यावरण मित्र सीमित संख्या के बावजूद पूरी मेहनत और मनोयोग से सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से स्वच्छता अभियान प्रभावित हो रहा है। सड़क पर जमा कूड़े से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है।
पार्षद ने बताया कि सड़क की चौड़ाई पहले से ही सीमित है। ऐसे में सड़क पर कूड़ा फैलने से यातायात प्रभावित होने के साथ वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से घरों और दुकानों पर कूड़ादान रखने तथा नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा उठान सेवा का नियमित रूप से उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर दून की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। सड़क को कूड़ाघर बनाने के बजाय स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाना ही जागरूक नागरिक होने की पहचान है।




