कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के ग्रीष्मकालीन सत्र जुलाई 2026 की प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को राहत मिली है। छात्रहित को देखते हुए विश्वविद्यालय ने प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है। प्रवेश प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू हुई थी। विश्वविद्यालय ने इस सत्र में नए पाठ्यक्रमों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी लागू की हैं।
विश्वविद्यालय के कर्णप्रयाग क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. आर.सी. भट्ट ने बताया कि इस सत्र में विश्वविद्यालय द्वारा 15 स्नातक, 35 स्नातकोत्तर, 16 डिप्लोमा और 29 प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जा रहा है। इस वर्ष डिप्लोमा इन भगवद्गीता स्टडीज तथा मानवाधिकार प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आर.सी. भट्ट एवं सहायक निदेशक प्रियंका लोहानी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अब सभी सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को सेमेस्टरवार फीस जमा करने की सुविधा मिलेगी। इससे विद्यार्थियों पर एकमुश्त आर्थिक बोझ कम होगा। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सभी विद्यार्थी स्वतः विश्वविद्यालय के एलुमनाई बनेंगे, जबकि शिक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के आधार पर संचालित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि एमबीए, एमसीए, एमटीटीएम, बी.एड. स्पेशल एजुकेशन, एम.एड. स्पेशल एजुकेशन, बी.ए. योग (ऑनर्स) और एम.ए. योग की प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
प्रवेश के लिए DEB-ID और ABC-ID अनिवार्य किए गए हैं। विद्यार्थियों को क्रेडिट मोबिलिटी, मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
शुल्क में भी रियायत
विद्यार्थियों को राहत देने के लिए विश्वविद्यालय ने विभिन्न शुल्क रियायतों की भी घोषणा की है। थर्ड जेंडर विद्यार्थियों को पूर्ण शुल्क माफी, बीएससी एवं एमएससी के प्रायोगिक विषयों में कार्यशाला शुल्क पर 30 प्रतिशत छूट तथा ई-एसएलएम का विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों को 15 प्रतिशत शुल्क छूट दी जाएगी। विद्यार्थियों के लिए प्रिंट अध्ययन सामग्री का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
क्षेत्रीय केंद्र ने छात्र-छात्राओं से निर्धारित तिथि से पहले विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है।




