देहरादून(अंकित तिवारी)। पवित्र श्रावण मास में नौ दिनों तक चली भक्ति और आध्यात्मिकता की अविरल धारा रविवार को हवन-पूर्णाहुति के साथ विराम पर पहुंची। श्री सनातन धर्म मंदिर, नेहरू कॉलोनी में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंज उठा। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए।
श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा व्यास पूज्य श्री पवन देव चतुर्वेदी जी महाराज ने अंतिम दिवस भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कथा को विश्राम दिया। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण का श्रवण मनुष्य को केवल आध्यात्मिक शांति ही नहीं देता, बल्कि जीवन में सदाचार, सेवा, त्याग, करुणा और भक्ति को अपनाने की प्रेरणा भी देता है।
नौ दिन तक शिवमय रहा मंदिर परिसर
नौ दिवसीय कथा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती रही। कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा, शिवलिंग पूजन का महत्व, माता सती और दक्ष यज्ञ प्रसंग, माता पार्वती की तपस्या, शिव-पार्वती विवाह तथा भगवान श्रीगणेश और कार्तिकेय के दिव्य चरित्रों का वर्णन किया गया।
इसके साथ ही भगवान शिव के विभिन्न अवतारों और शिवभक्ति से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। कथा के दौरान भजनों और भगवान शिव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंत्रोच्चारण के बीच हवन, पूर्णाहुति में दी आहुति
समापन दिवस पर कथा के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन का आयोजन हुआ। यजमान परिवारों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कीं। सभी ने भगवान शिव से परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
पूर्णाहुति के समय मंदिर परिसर में श्रद्धा का विशेष दृश्य देखने को मिला। आहुति के साथ ही श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष किया।
आरती के बाद लगा भंडारा, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
हवन-पूर्णाहुति के बाद भगवान भोलेनाथ की भव्य आरती की गई। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भक्तजनों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सेवा करने वालों को दिया आशीर्वाद
कथा व्यास श्री पवन देव चतुर्वेदी जी महाराज ने आयोजन की सफलता के लिए श्री सनातन धर्म मंदिर कमेटी, यजमान परिवारों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, संगीत मंडली और आयोजन से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन श्रद्धालुओं की सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ—
“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।”
भक्ति, आस्था और सेवा के संदेश के साथ शिव महापुराण कथा ने श्रद्धालुओं के मन में भगवान शिव के प्रति विश्वास और आध्यात्मिक चेतना को और गहरा कर दिया।




