पौड़ी(अंकित तिवारी)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. बी.जी.आर. परिसर, पौड़ी में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी पखवाड़ा (14 से 30 सितंबर) के समापन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के साथ विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि, जागरूकता और रचनात्मक अभिरुचि विकसित करना रहा।
समारोह की मुख्य अतिथि प्रो. रेहाना जैदी रहीं। अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. यू.सी. गैरोला ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. अनूप पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बिन्दु यादव ने किया। संयोजक डॉ. मनोज कुमार एवं डॉ. दिनेश चन्द पाण्डेय रहे। संचालन हिंदी विभाग की शिक्षिका डॉ. नीतू यादव ने किया।
समारोह में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि प्रो. रेहाना जैदी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार और व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि प्रो. अनूप पाण्डेय ने हिंदी की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन, लेखन और सृजनात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
अध्यक्षीय संबोधन में परिसर निदेशक प्रो. यू.सी. गैरोला ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने बदलते समय में हिंदी के निरंतर विकास तथा इसके व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की समन्वयक एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बिन्दु यादव ने हिंदी पखवाड़े के आयोजन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य से जोड़ने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में हिंदी विभाग की डॉ. विमला चमोला, डॉ. आशा बिष्ट एवं डॉ. नवनीत ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. पूनम बिष्ट, डॉ. किरन बाला, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. विपुल सिंह, डॉ. बिपिन, डॉ. स्वाति श्रीवास्तव, डॉ. जया उनियाल, डॉ. ललिता, डॉ. किरन एवं डॉ. अंकिता सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शोधार्थियों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, छात्रसंघ पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
समारोह के अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और निरंतर विकास के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। हिंदी के प्रति जागरूकता और सम्मान के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




