कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग की सत्र 2026-27 की दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता शुक्रवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हो गई। प्रतियोगिता में छात्र कुनाल सिंह और छात्रा सृष्टि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए क्रमशः छात्र एवं छात्रा वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन बैडमिंटन, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस (टीटी), शतरंज, कैरम और रस्साकशी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन स्पर्धाओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह और क्रीड़ा प्रभारी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं, समस्त प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कुनाल सिंह और सृष्टि को चैंपियन घोषित करते हुए चैंपियन ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास, लगन और प्रतिभा का परिणाम है। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि खेलों में जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण सहभागिता, अनुशासन और खेल भावना है। खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में योगदान देने वाली क्रीड़ा समिति और समस्त सहयोगियों को भी बधाई दी।
क्रीड़ा प्रभारी डॉ. त्रिभुवन चन्द्र खाली ने प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल हमें जीत के बाद विनम्र रहना और हार से सीख लेकर दोबारा प्रयास करना सिखाते हैं। मैदान में सीखे गए ये जीवन-मूल्य विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद करते हैं।
प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में डॉ. ममता भदोला जोशी, डॉ. विनोद चन्द्र, डॉ. नरेंद्र पंघाल सहित क्रीड़ा समिति के सदस्यों तथा महाविद्यालय के पूर्व छात्र महावीर रावत का सराहनीय योगदान रहा। समापन समारोह का संचालन डॉ. आर. सी. भट्ट ने किया।






