Breakingउत्तराखंडदेश-विदेशयूथशिक्षासामाजिक

लौह पुरुष के आदर्शों से गूंजा कर्णप्रयाग कॉलेज

 

कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग के राजनीति विज्ञान विभाग में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उनके दृढ़ संकल्प, कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता के कारण ही उन्हें लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है।

डॉ. कामना लोहनी ने स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल के योगदान और देशी रियासतों के एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सरदार पटेल ने अपने दृढ़ निश्चय और नेतृत्व क्षमता से देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।

डॉ. नंद लाल ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद राष्ट्रीय एकता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। वहीं डॉ. मदन शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि इसे अपने व्यवहार और कार्यों में अपनाने की आवश्यकता है। इसमें युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

राजनीति विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. कविता पाठक ने कहा कि सरदार पटेल का योगदान भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के इतिहास में अविस्मरणीय है। उनके जीवन से विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों का सम्मान करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील सहित हिमानी, प्रियंका और मनीष ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. कीर्तिराम डंगवाल ने किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, अखंडता और नागरिकों के पारस्परिक विश्वास में निहित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।

इस अवसर पर डॉ. पूनम चौहान, डॉ. स्वाति सुंदरियाल, डॉ. रविंद्र नेगी, रवींद्र झिंकवाण सहित राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button