देहरादून(अंकित तिवारी)। श्रावण मास की पावन बेला में श्री सनातन धर्म मंदिर, नेहरू कॉलोनी, देहरादून में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा के तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम संगम देखने को मिला। व्यासपीठासीन परम पूज्य श्री पवन देव चतुर्वेदी जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) ने भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, शिवतत्त्व और शिवभक्ति की महिमा का भावपूर्ण एवं ओजस्वी वर्णन कर श्रद्धालुओं को अध्यात्म के अमृत से सराबोर कर दिया।
अपने प्रेरणादायी प्रवचन में महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव करुणा, सरलता और क्षमा के साक्षात स्वरूप हैं। वे अल्प श्रद्धा और निष्कपट भक्ति से भी प्रसन्न होकर अपने भक्तों के समस्त कष्टों का निवारण करते हैं। उन्होंने कहा कि शिव की आराधना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, सदाचार, संयम और मानवता के मार्ग पर चलना ही सच्ची शिवभक्ति है।
शिवमहापुराण के विविध प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए महाराज श्री ने धर्म, संस्कार, परोपकार एवं ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का महत्व समझाया। उनके भावपूर्ण प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति एवं जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
कथा के दौरान शिव महिमा से ओतप्रोत मधुर भजनों और संगीतमय प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। कथा पंडाल में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष निरंतर गूंजते रहे। श्रद्धालु पूरे समय भक्ति में लीन होकर कथा का रसास्वादन करते रहे और शिवनाम के संकीर्तन में भावविभोर दिखाई दिए।
कथा के समापन पर भगवान भोलेनाथ की भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आरती का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर पूरा परिसर दीपों की ज्योति, भक्ति और श्रद्धा से आलोकित हो उठा।
आयोजक श्री सनातन धर्म मंदिर कमेटी, नेहरू कॉलोनी, देहरादून ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में आयोजित होने वाली श्री शिवमहापुराण कथा में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवकथा रूपी अमृत का श्रवण करने तथा धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।




