उत्तराखंडदेश-विदेशधर्म-कर्ममनोरंजनयूथशिक्षासामाजिक

कर्णप्रयाग महाविद्यालय में संस्कृत विभागीय परिषद् का गठन, विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

भाषण, निबंध, काव्यपाठ एवं श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग

कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग के संस्कृत विभाग में 4 नवंबर 2026 को विभागीय परिषद् का गठन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के भाषाई कौशल, साहित्यिक अभिरुचि एवं रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भाषण, निबंध, काव्यपाठ और श्लोकोच्चारण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर.ए. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभागीय परिषद् विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह न केवल विभाग की शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करती है, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ महाविद्यालय की प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में डॉ. चंद्रमोहन जनस्वाण ने कहा कि संस्कृत साहित्य में प्रकृति के प्रति अप्रतिम प्रेम और मानवीय मूल्यों की उत्कृष्ट शिक्षा निहित है। डॉ. हरीश बहुगुणा ने भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल स्रोत के रूप में संस्कृत भाषा के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. मृगांक मालासी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संतुलित विकास की भावना संस्कृत साहित्य में प्राचीन काल से ही विद्यमान रही है। डॉ. अंकित मनोडी ने संस्कृत को भारतीय भाषाओं की जननी एवं भारतीय ज्ञान पद्धति का आधार बताते हुए इसके अध्ययन की महत्ता पर प्रकाश डाला।

विभागीय परिषद् में विद्यार्थियों को मिली जिम्मेदारी

परिषद् के गठन के अंतर्गत सर्वसम्मति से नेहा को अध्यक्ष, खुशी को उपाध्यक्ष, दमयंती को सचिव, पायल को सह-सचिव तथा तनुजा को कोषाध्यक्ष चुना गया। नवगठित परिषद् के माध्यम से विभागीय गतिविधियों के संचालन एवं विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया।

चार प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में दिया ने प्रथम, संजना ने द्वितीय तथा वंदना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में दमयंती प्रथम, नरेंद्र द्वितीय तथा दिया तृतीय स्थान पर रहीं।

इसी प्रकार काव्यपाठ प्रतियोगिता में वंदना ने प्रथम, दिया ने द्वितीय तथा दमयंती ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में सुशांत प्रथम, आर्यन द्वितीय तथा मनीष तृतीय स्थान पर रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा एवं साहित्य के प्रति अपनी रुचि विकसित करने, ज्ञान एवं अभिव्यक्ति कौशल को निखारने तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। साथ ही विभागीय परिषद् के गठन से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामूहिक सहभागिता एवं शैक्षणिक गतिविधियों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button