कर्णप्रयाग(अंकित तिवारी)।डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग के वनस्पति विज्ञान विभाग में विभागीय परिषद का गठन किया गया। इस अवसर पर परिषद की प्रथम बैठक के साथ विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता और रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर तथा मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में विभागीय परिषदों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के सह-शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक कौशल को निखारने में मील का पत्थर साबित होते हैं।
इस दौरान वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. इंद्रेश कुमार पाण्डेय ने विभागीय परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कक्षा प्रतिनिधियों के नामों की घोषणा की। परिषद के अध्यक्ष पद पर अंकिता रावत का चयन किया गया। कार्यक्रम का संचालन भी नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकिता रावत ने किया।
परिषद गठन के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं के लिए ‘वनाग्नि (जंगल की आग)’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता तथा ‘जैव-विविधता’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं के निर्णायक जंतु विज्ञान विभाग के डॉ. दुदुन मेहता ने विद्यार्थियों को वनाग्नि के पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के साथ ही जैव-विविधता संरक्षण के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्राकृतिक संसाधनों एवं वन संपदा के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में विभागीय परिषद की उपाध्यक्ष खुशी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. प्रमिला, डॉ. कृष्ण चंद्र सहित वनस्पति विज्ञान विभाग के समस्त शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





