कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) के अंतर्गत सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षुता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), कर्णप्रयाग के सहयोग से संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अध्ययन के साथ-साथ कार्यस्थल पर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रवीण कुमार थपलियाल (आईटीआई कर्णप्रयाग) ने अपने संबोधन में बताया कि जिन संस्थानों में 4 से 30 कर्मचारी कार्यरत होते हैं, उनके लिए अप्रेंटिस रखना वैकल्पिक है, जबकि 30 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होती है। उन्होंने योजना के माध्यम से प्राप्त होने वाले व्यावहारिक अनुभव और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट वक्ता सतीश चंद्र (आईटीआई कर्णप्रयाग) ने छात्रों को नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि छात्र किस प्रकार विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध प्रशिक्षुता अवसरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और रोजगार के नए द्वार खुलते हैं। उन्होंने छात्रों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान छात्रों ने पंजीकरण से संबंधित समस्याओं पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश रतूड़ी द्वारा किया गया। इस अवसर पर नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम समिति के सदस्य डॉ. हीना नौटियाल, डॉ. दीप सिंह, डॉ. नेतराम, डॉ. तरुण कुमार आर्य, डॉ. दिशा शर्मा, डॉ. सीमा पोखरियाल तथा वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. रविंद्र कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।




