ऋषिकेश(अंकित तिवारी) : कभी लाइलाज मानी जाने वाली घातक बीमारी कैंसर अब आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के चलते पहले की तुलना में काफी हद तक काबू में लाई जा रही है। बशर्ते कि रोग की पहचान समय रहते हो जाए। एम्स ऋषिकेश में कैंसर की जांच और उपचार के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को बेहतर और सटीक इलाज मिल रहा है।
संस्थान में उच्च तकनीक आधारित पेट स्कैन (PET Scan) जैसी उन्नत जांच सुविधा उपलब्ध है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की पहचान, ट्यूमर के फैलाव और उपचार के प्रभाव का सटीक आकलन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि यह उत्तराखंड का पहला सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है जहां यह सुविधा उपलब्ध है।
आधुनिक तकनीकों से आसान हुआ इलाज
विश्वभर में कैंसर के उपचार के लिए निरंतर अनुसंधान हो रहे हैं और नई तकनीकों का विकास हो रहा है। इन्हीं में से एक है रोबोटिक सर्जरी, जिसने उपचार में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। इस तकनीक में सर्जन को 10 गुना बड़ा त्रिआयामी दृश्य मिलता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान त्रुटि की संभावना बेहद कम हो जाती है और उपचार अधिक सटीक बनता है।
हालांकि, सामान्य रूप से कैंसर के इलाज में अभी भी कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और सर्जरी का ही व्यापक उपयोग किया जाता है।
एम्स ऋषिकेश में न केवल आधुनिक उपचार किए जा रहे हैं, बल्कि यहां कैंसर मरीजों का विस्तृत रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है, जिसे कैंसर रजिस्ट्री कहा जाता है। यह रिकॉर्ड हॉस्पिटल बेस और पॉपुलेशन बेस दोनों स्तरों पर संकलित किया जा रहा है।
शुरुआती पहचान से आधी जीत
हेमेटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. उत्तम नाथ के अनुसार, कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होना “आधी लड़ाई जीतने” जैसा है। उन्होंने बताया कि हर कैंसर अलग होता है, इसलिए जेनेटिक प्रोफाइलिंग के माध्यम से मरीज के अनुसार उपचार तय किया जाता है, जिससे दुष्प्रभाव कम होते हैं और रोगमुक्ति की संभावना बढ़ती है।
इसके अतिरिक्त इम्यूनोथेरेपी, विकिरण चिकित्सा और रोबोटिक सर्जरी जैसी तकनीकें उपचार को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। ये सभी सुविधाएं एम्स ऋषिकेश में उपलब्ध हैं।
भारत और उत्तराखंड में कैंसर की स्थिति
मेडिकल ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक सुन्दरियाल ने बताया कि भारत में कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। पिछले तीन दशकों में इसके मामलों और मृत्यु दर में लगातार वृद्धि हुई है।
- पुरुषों में प्रमुख कैंसर: मुंह (ओरल), फेफड़े और प्रोस्टेट
- महिलाओं में प्रमुख कैंसर: स्तन, सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) और ओवेरियन
उत्तराखंड की बात करें तो—
- पुरुषों में फेफड़े, मुंह और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर सामान्य हैं
- महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक, इसके बाद सर्वाइकल कैंसर
PET स्कैन: उन्नत जांच का सशक्त माध्यम
पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) स्कैन मशीन अप्रैल 2025 में एम्स ऋषिकेश में स्थापित की गई थी। यह तकनीक शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली और कोशिकीय गतिविधियों का विश्लेषण करती है।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष प्रो. मनीषी नारायण के अनुसार—
- एक वर्ष में 1590 मरीजों ने PET स्कैन का लाभ लिया
- हर माह लगभग 150 मरीज यह जांच करवा रहे हैं
🎗️ जागरूकता और समग्र उपचार पर जोर
एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि कैंसर की रोकथाम के लिए समय पर पहचान और बेहतर इलाज अत्यंत आवश्यक है। संस्थान कैंसर की रोकथाम, जांच, निदान और उपचार के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य कर रहा है। साथ ही, आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
आधुनिक तकनीकों और समर्पित चिकित्सा सेवाओं के चलते अब कैंसर के खिलाफ लड़ाई पहले से अधिक मजबूत हो गई है। एम्स ऋषिकेश न केवल उपचार में बल्कि जागरूकता और शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे मरीजों को एक नई उम्मीद मिल रही है।



