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युवाओं के संकल्प से साकार होगा ‘विकसित भारत-2047’

कर्णप्रयाग महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता संपन्न

कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में ‘विकसित भारत-2047’ विषय पर एक प्रभावशाली भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. हरीश चंद्र रतूड़ी ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि प्रतियोगिता का मूल्यांकन कला संकाय से डॉ. भाल चंद्र सिंह नेगी, विज्ञान संकाय से डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय एवं वाणिज्य संकाय से डॉ. दीप सिंह द्वारा किया गया।

प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए ‘विकसित भारत’ के विविध आयामों—आर्थिक प्रगति, तकनीकी उन्नति, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता—पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों के वक्तव्यों में देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उत्साह, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से झलकी।

प्रतियोगिता के परिणामों में बीएससी षष्ठम सेमेस्टर की अंशु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, बीकॉम छठे सेमेस्टर की निधि ने द्वितीय स्थान और सलोनी ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ का सपना तभी साकार होगा जब युवा वर्ग अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा में लगाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनकर देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करें। इसके लिए नवाचार, कठोर परिश्रम और आत्मविश्वास को जीवन का आधार बनाना आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में सह-संयोजक डॉ. मदन लाल शर्मा ने सभी प्राध्यापकों, निर्णायकों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम सफल और प्रेरणादायी बन सका।

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