कर्णप्रयाग (अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में छात्रसंघ समारोह एवं वार्षिकोत्सव सत्र 2025-26 का शुभारंभ आज बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कर्णप्रयाग विधानसभा के विधायक अनिल नौटियाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, नगरपालिका अध्यक्ष गणेश शाह एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रामअवतार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विधायक अनिल नौटियाल ने विधायक निधि से महाविद्यालय को प्रदत्त जनरेटर सेट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने महाविद्यालय के विकास हेतु ₹4.5 लाख की धनराशि देने की घोषणा की, जिससे छात्र-छात्राओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक एवं आधुनिक प्रस्तुतियों का सुंदर समन्वय कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रामअवतार सिंह एवं छात्रसंघ प्रभारी डॉ. भाल चंद्र नेगी सहित प्राध्यापकों—डॉ. एम.एस. कंडारी, डॉ. अखिलेश कुकरेती, डॉ. रमेश चंद्र भट्ट, डॉ. हरीश चंद्र रतूड़ी—तथा छात्रसंघ पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री ने महाविद्यालय में 50 हजार लीटर क्षमता का ओवरहेड पानी टैंक, एक सफाई कर्मी की नियुक्ति तथा दो अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की घोषणा की। वहीं नगरपालिका अध्यक्ष गणेश शाह ने भी महाविद्यालय के विकास के लिए अनुमन्य धनराशि देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. वेणीराम अन्थवाल ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर डॉ. वी.पी. भट्ट, डॉ. मदन लाल शर्मा, डॉ. कविता पाठक, डॉ. चंद्रावती टम्टा, डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, डॉ. चंद्रमोहन जनस्वान, डॉ. मृगांक मलासी, डॉ. कमलेश लोहनी, कमल किशोर द्विवेदी, जगदीश सिंह रावत, मुकेश कंडारी सहित अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
छात्रसंघ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सुनील सिंह, उपाध्यक्ष आंचल थपलियाल एवं महासचिव अंकित सिंह सहित सभी पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
समारोह ने न केवल सांस्कृतिक उत्सव का रंग बिखेरा, बल्कि महाविद्यालय के समग्र विकास की नई संभावनाओं को भी सशक्त आधार प्रदान किया।




