कर्णप्रयाग(अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर चमोली विनोद नेगी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्टार्टअप स्थापना, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक उद्यम से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति में कौशल विकास और उद्यमिता को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान, नवाचार और रचनात्मक सोच के माध्यम से नए रोजगार अवसर सृजित करें। उन्होंने विशेष रूप से पहाड़ की स्थानीय संस्कृति, कृषि, पर्यटन एवं हस्तशिल्प आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए योजना के नोडल अधिकारी डॉ. हरीश बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में स्वरोजगार और स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा सही मार्गदर्शन, तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत उत्साहपूर्वक पंजीकरण कराया।
इस अवसर पर योजना समिति के सदस्य डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, डॉ. कमल किशोर द्विवेदी, डॉ. हिना नौटियाल एवं एनसीसी प्रभारी डॉ. नरेंद्र पंघाल सहित महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






