कर्णप्रयाग(अंकित तिवारी)। डॉ. शिवानन्द नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में जिला समाज कल्याण विभाग, चमोली एवं नेह ट्रस्ट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “नशा मुक्त युवा–नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग, चमोली की बाल कल्याण अधिकारी रजनी पंवार, अंजलि बर्त्वाल, अनिल नेगी एवं संजीव बुटोला उपस्थित रहे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए कहा कि युवा शक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
नेह ट्रस्ट फाउंडेशन के निदेशक सुनील पुंडीर ने नशे की शुरुआत के कारणों तथा इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित एवं उज्ज्वल बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में नेह प्रोडक्शन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्मित जागरूकता वीडियो फिल्म ‘जहर की राह’ का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म के माध्यम से नशे के कारण उत्पन्न होने वाली पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने फिल्म को गंभीरता एवं रुचि के साथ देखा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को “नशा मुक्त भारत” की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से स्वयं दूर रहने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नेह ट्रस्ट फाउंडेशन के मीडिया हेड मोहन नेगी, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह, नशा मुक्त समिति के नोडल अधिकारी डॉ. रविन्द्र सिंह नेगी, समिति के सदस्य डॉ. चन्द्रमोहन जन्स्वाण, डॉ. पूनम, डॉ. नेहा तिवारी, डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, डॉ. स्वाति सुन्दरियाल एवं डॉ. तरुण कुमार सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ स्वस्थ युवा, स्वस्थ समाज और नशामुक्त भारत के निर्माण का संदेश दिया।




