ऋषिकेश(अंकित तिवारी)। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के प्रत्यायन की तैयारियों को लेकर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मान्यता के विशेषज्ञ तथा सनराइज टेक्निकल एजुकेशन प्रमोशनल सोसाइटी के महासचिव डॉ. निमेश मिगलानी ने बाह्य विशेषज्ञ एवं वक्ता के रूप में प्रतिभाग किया और विश्वविद्यालय की नैक तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन दिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में नैक प्रत्यायन की दिशा में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने के साथ आगामी तैयारियों, आवश्यक दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता मानकों, उपलब्धियों के प्रमाणिक प्रस्तुतिकरण तथा संस्थागत स्तर पर किए जाने वाले सुधारों के संबंध में विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना रहा।
बैठक के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अंबरीश कुमार महाजन ने डॉ. निमेश मिगलानी का स्वागत करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि गुणवत्ता उच्च शिक्षा की आधारशिला है। नैक प्रत्यायन किसी भी विश्वविद्यालय के लिए केवल मूल्यांकन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नैक के निर्धारित मानकों के अनुरूप अपनी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार और संस्थागत विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. मिगलानी के व्यापक अनुभव एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय की नैक तैयारियों को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने डॉ. निमेश मिगलानी का परिचय देते हुए विश्वविद्यालय में नैक प्रत्यायन की दिशा में अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संस्थागत इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नैक के निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक सूचनाओं, अभिलेखों एवं दस्तावेजों के संकलन तथा गुणवत्ता संबंधी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नैक प्रत्यायन की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है।
परिसर निदेशक प्रो. एम.एस. रावत ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गुणवत्ता एवं संस्थागत उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नैक प्रत्यायन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के लिए अपनी उपलब्धियों का मूल्यांकन करने के साथ-साथ कमियों की पहचान कर उनमें सुधार करने तथा भविष्य के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने का अवसर भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विशेषज्ञ के सुझावों से विश्वविद्यालय की तैयारियां और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख होंगी।
बैठक में डॉ. निमेश मिगलानी ने नैक की वर्तमान मूल्यांकन प्रणाली, विभिन्न मानदंडों एवं प्रमुख संकेतकों, संस्थागत गुणवत्ता, दस्तावेजीकरण, आंकड़ा प्रबंधन, उपलब्धियों के प्रमाणिक प्रस्तुतिकरण तथा मूल्यांकन के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नैक प्रत्यायन के लिए केवल दस्तावेज तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता को संस्थान की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध एवं नवाचार, विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों, सामाजिक उत्तरदायित्व, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा संस्थागत उपलब्धियों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण पर विशेष बल दिया।
डॉ. मिगलानी ने विश्वविद्यालय की तैयारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन की दृष्टि से प्रत्येक उपलब्धि का प्रमाणिक अभिलेखीकरण, आंकड़ों का व्यवस्थित प्रबंधन तथा संस्थागत गतिविधियों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक का संचालन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की संयुक्त निदेशक डॉ. सीमा बेनीवाल ने किया। उन्होंने बैठक के उद्देश्यों एवं कार्यसूची से उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संस्थागत इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए नैक की तैयारियों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
बैठक के अंत में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के उपनिदेशक डॉ. राकेश जोशी ने कुलपति, परिसर निदेशक, समस्त संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, विभिन्न मानदंडों के संयोजकों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से बाह्य विशेषज्ञ डॉ. निमेश मिगलानी को विश्वविद्यालय को दिए गए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं उपयोगी सुझावों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक में परिसर के कला संकायाध्यक्ष प्रो. पी.के. सिंह, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एस.पी. सती तथा वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. वी.पी. श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, नैक के विभिन्न मानदंडों के संयोजक एवं सदस्य, शिक्षकगण, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के सदस्य तथा संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।










