डोईवाला। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित ‘साईं सृजन पटल’ मासिक पत्रिका के 23वें अंक का विमोचन प्रख्यात चिकित्सक एवं शिक्षाविद् डॉ. हेमा सक्सेना ने किया। इस अवसर पर उन्होंने पत्रिका की निरंतर साहित्यिक एवं सामाजिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पत्रिकाएँ समाज में सकारात्मक चिंतन, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि साईं सृजन पटल भविष्य में भी साहित्य और समाज के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती रहेगी।
गौरतलब है कि डॉ. हेमा सक्सेना ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में एनेस्थीसिया एवं आईसीयू विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (एचओडी) के रूप में अपनी सेवाएँ दी हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने आयरलैंड, कुवैत तथा सऊदी अरब में परामर्शदाता (कंसल्टेंट) के रूप में कार्य कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया। भारत लौटने के बाद उन्होंने उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने देहरादून में एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर सेवाओं के विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। कोविड-19 महामारी के दौरान उत्तराखण्ड में चिकित्सकों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास में भी उनकी सक्रिय सहभागिता रही। डॉ. सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में वे संस्कृत भाषा का अध्ययन कर रही हैं, ताकि भारत के प्राचीन धर्मग्रंथों का मूल स्वरूप में अध्ययन एवं चिंतन कर सकें।
पत्रिका के संपादक प्रो. (डॉ.) के. एल. तलवाड़ ने कहा कि साईं सृजन पटल का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, समाज और सकारात्मक पत्रकारिता को एक साझा मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि पत्रिका निरंतर नए रचनाकारों को अवसर देने के साथ-साथ सामाजिक चेतना को भी सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।
पत्रिका के उपसंपादक अंकित तिवारी ने कहा कि साईं सृजन पटल केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि रचनात्मक विचारों, सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि पाठकों और लेखकों के सहयोग से पत्रिका निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।
इस अवसर पर इनसाइडी क्रिएटिव मीडिया की निदेशक लेखिका नीलम तलवाड़, सीईओ अक्षत और उनका स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने पत्रिका के सफल प्रकाशन पर शुभकामनाएँ देते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




