कर्णप्रयाग(अंकित तिवारी)। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चन्द्र लोहनी ने शनिवार को विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र कर्णप्रयाग तथा अध्ययन केंद्र डॉ. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का विस्तृत निरीक्षण कर वहां संचालित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शैक्षणिक अभिलेखों, कार्मिकों की उपस्थिति पंजिका, भंडार पंजिका, पुस्तक वितरण रजिस्टर सहित विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया।
कुलपति ने अध्ययन केंद्र में संचालित प्रवेश प्रक्रिया, पुस्तक वितरण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा छात्र हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम में कुलपति प्रो. लोहनी का गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राम अवतार सिंह, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आर. सी. भट्ट, सहायक निदेशक प्रियंका लोहनी, समन्वयक डॉ. एम. एस. कंडारी सहित समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. लोहनी ने विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों, छात्र हित में लिए जा रहे निर्णयों तथा नई नीतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की योजना, विश्वविद्यालय की पुस्तक वितरण व्यवस्था तथा प्रचार-प्रसार से संबंधित गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की। साथ ही इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक सुझाव भी दिए।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आर. सी. भट्ट एवं सहायक निदेशक प्रियंका लोहनी ने क्षेत्रीय केंद्र तथा अध्ययन केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, अध्ययन सामग्री वितरण एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कुलपति ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया।
इस दौरान डॉ. अखिलेश कुकरेती, डॉ. एच. सी. रतूड़ी, डॉ. वी. आर. अन्थवाल, श्री एस. एल. मुनियाल, जे. एस. रावत, संतोष ढौंडियाल सहित अनेक प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




